मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन में कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती दर्शन से की, जहाँ उन्होंने विधिवत पूजन और अर्चना की। सावन मास के दूसरे दिन महाकाल के दर्शन को लेकर प्रदेशवासियों में भी उत्साह देखने को मिला। दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी के नरसिंह घाट पर स्नान कर श्रद्धा अर्पित की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद महाकाल लोक क्षेत्र में स्थित भक्त निवास के पास आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कालिदास अकादमी में आयोजित निषाद सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने गरीब वंचित तबके की लाडली बहनों के खातों में आर्थिक सहायता राशि ट्रांसफर की, जिससे सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा संदेश गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले वे प्रदेशवासियों की समृद्धि, कल्याण और आत्मनिर्भरता के लिए बाबा महाकाल से विशेष प्रार्थना करने उज्जैन आए हैं। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से ही मध्यप्रदेश लगातार प्रगति की ओर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने प्रदेश की शिक्षा, रोजगार और आध्यात्मिक उन्नति के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी कहा कि सावन महाकाल की विशेष कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम समय होता है और इस पवित्र माह में किया गया संकल्प निश्चित रूप से जनकल्याण में परिणत होता है।



