रायपुर।छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्रों में आपूर्ति की गई सामग्रियों की गुणवत्ता पर उठे सवालों के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने तत्काल गंभीर कदम उठाए हैं।
मंत्री के निर्देश पर गठित राज्य स्तरीय जांच समिति ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जशपुर, सरगुजा और जांजगीर-चांपा जिलों में भौतिक परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर 6 आपूर्तिकर्ताओं को जेम पोर्टल से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।
ब्लैकलिस्ट की गई एजेंसियों में शामिल हैं — नमो इंटरप्राइजेस, आयुष मेटल, अर्बन सप्लायर्स, मनीधारी सेल्स, ओरिएंटल सेल्स और सोनचिरइया कॉर्पोरेशन। इन एजेंसियों से खराब सामग्री को वापस लेकर मानकों के अनुरूप नई सामग्रियां मंगाई गई हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2024-25 में कुल 23.44 करोड़ रुपये की खरीदी की गई थी, ना कि 40 करोड़ रुपये जैसा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था। खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही और दोषपूर्ण वस्तुओं के लिए कोई भुगतान नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत की गई इस कार्यवाही को उत्तरदायी शासन और पारदर्शिता का उदाहरण बताया जा रहा है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्पष्ट किया कि “बच्चों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही जारी रहेगी।”







