कोरबा ज़िले के पाली क्षेत्र में रविवार को एक सड़क निर्माण परियोजना का भूमि पूजन और रोड उत्सव बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ। इस सरकारी कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रभारी मंत्री अरुण साव और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को दर्शाना और बुनियादी ढांचे के उन्नयन की पहल को आगे बढ़ाना था।
हालाँकि, इस उत्सव का समापन एक अप्रत्याशित मोड़ के साथ हुआ जब कार्यक्रम के बाद लौटते मंत्रीगण के काफिले को ग्रामीणों ने बीच रास्ते में रोक लिया।
वर्षों से जलभराव की समस्या झेल रहे स्थानीय नागरिकों का धैर्य इस बार टूट गया। उन्होंने खुलकर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की और बताया कि बारिश के दिनों में उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। “जरा सी बारिश में दुकान, मकान, गली और सड़क—हर जगह पानी भर जाता है,” एक स्थानीय नागरिक ने रोष जताते हुए कहा।
ग्रामीणों का आरोप था कि न तो प्रशासन और न ही जन प्रतिनिधि इस गंभीर समस्या को लेकर गंभीर हैं। केवल उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम करवा कर सरकारें वाहवाही लूट रही हैं, लेकिन ज़मीनी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
स्थिति को तनावपूर्ण होते देख जिला कलेक्टर अजीत वंसत और एसपी सिद्धार्थ तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान जल्द निकाला जाएगा। ग्रामीणों को शांत कराने के बाद ही मंत्रीगण का काफिला आगे बढ़ पाया।
यह घटना दर्शाती है कि अब ग्रामीण जनता केवल विकास योजनाओं की घोषणाओं से संतुष्ट नहीं है। वे वास्तविक, ज़मीनी बदलाव की माँग कर रहे हैं। पाली क्षेत्र के नागरिकों की यह सक्रियता प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है कि समस्याओं को केवल नीतियों में नहीं, बल्कि व्यवहारिक कार्यों में हल करना होगा।



