चश्मा बेचने वाली कंपनी लेंसकार्ट से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मुद्दे पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कंपनी पर निशाना साधा है।
दरअसल, पूरा मामला कंपनी के एक कथित इंटरनल डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ, जिसमें कर्मचारियों को तिलक लगाने और कलावा पहनने से जुड़ी पाबंदियों का जिक्र सामने आया। जैसे ही यह बात सार्वजनिक हुई, कई संगठनों और लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
इसी बीच बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को भारत की परंपराओं और धार्मिक प्रतीकों से परेशानी है, तो उसे देश छोड़ देना चाहिए।
जिसे तिलक चन्दन से दिक्कत हो #shorts #reels #shrihanumantkatha #bageshwardhamsarkar #prayagraj #up pic.twitter.com/zpmYbYrDKe
— Bageshwar Dham Sarkar (Official) (@bageshwardham) April 21, 2026
उन्होंने अपने बयान में तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसी कंपनियों को भारत में काम करने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए, अगर वे यहां की आस्था और संस्कृति का सम्मान नहीं कर सकतीं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग तिलक, कलावा, राम-श्याम या अन्य धार्मिक प्रतीकों से दिक्कत रखते हैं, वे “पतली गली से निकल लें।”
इस विवाद के बाद स्थिति को संभालते हुए लेंसकार्ट ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करती है। नई गाइडलाइन में कर्मचारियों को बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे धार्मिक प्रतीक पहनने की अनुमति दे दी गई है।
We have heard you. Clearly and openly. Over the past few days, our community and customers have spoken - and we have listened.
— lenskart (@Lenskart_com) April 18, 2026
Today, we are standardizing our In-Store Style Guide and sharing it publicly and transparently: https://t.co/lC8KlLLUZm
These guidelines explicitly and…
फिलहाल, मामला शांत होने की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इस विवाद ने एक बार फिर कार्यस्थल पर धार्मिक स्वतंत्रता और कॉर्पोरेट नीतियों के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है।



