बीजापुर। भैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत चिंगेर में निर्माणाधीन प्राथमिक शाला भवन में सामने आई गंभीर लापरवाही ने सरकारी सिस्टम की पोल खोल दी है। घटिया निर्माण की शिकायतें और वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सोमवार को जेसीबी चलाकर पूरे भवन को ध्वस्त कर दिया। लेकिन इस कार्रवाई ने राहत से ज्यादा सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखा कि भवन में इस्तेमाल किया गया मटेरियल इतना कमजोर था कि उसे डंडे से आसानी से उखाड़ा जा सकता था। यह सिर्फ खराब निर्माण नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है। सवाल उठ रहा है कि जब निर्माण कार्य जारी था, तब जिम्मेदार इंजीनियर और अधिकारी क्या निरीक्षण कर रहे थे?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर की मिलीभगत से घटिया सामग्री का उपयोग कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। उनका कहना है कि बिना सांठगांठ के इस स्तर की लापरवाही संभव नहीं है।
सरकार बस्तर जैसे संवेदनशील इलाके में शिक्षा के विस्तार के बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी सच्चाई इस घटना से उजागर हो रही है। नक्सल प्रभाव कम होने के बाद जिन इलाकों में विकास और शिक्षा को प्राथमिकता दी जानी थी, वहां ऐसे मामले सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
अब देखना होगा कि सरकार सिर्फ भवन गिराने तक सीमित रहती है या फिर जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई कर जवाबदेही तय करती है।



