छत्तीसगढ़ इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है और हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। सुबह से ही तेज धूप और तपती हवाएं लोगों का जीना मुश्किल कर रही हैं। सड़कों पर सन्नाटा और घरों में कैद लोग गर्मी का असर हर जगह साफ दिख रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल लोगों को राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। आने वाले दो दिनों तक तापमान इसी तरह ऊंचा बना रह सकता है, जिससे गर्मी और ज्यादा परेशान कर सकती है।
दरअसल, उत्तर भारत से लेकर प्रदेश तक फैली द्रोणिका, ओडिशा के पास बना चक्रवाती सिस्टम और महाराष्ट्र-तेलंगाना क्षेत्र में सक्रिय एंटी-साइक्लोन मिलकर गर्म हवाओं को लगातार बढ़ा रहे हैं। इसके चलते हवा में नमी की कमी है और उमस के बिना भी गर्मी ज्यादा चुभने लगी है।
राजधानी रायपुर में हालात खासे गंभीर हैं। यहां दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही। दिनभर धूप इतनी तेज रहती है कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और शाम तक गर्म हवाएं चलती रहती हैं।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई इलाकों में लू जैसे हालात बनने की चेतावनी दी गई है।
हालांकि बस्तर संभाग के कुछ दक्षिणी हिस्सों में हल्की गरज-चमक की संभावना जताई गई है, लेकिन इससे तापमान में कोई खास गिरावट आने की उम्मीद नहीं है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, खूब पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है और जरूरी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।






