रायगढ़ रेंज के अंतर्गत आने वाले देलारी गांव में वन विभाग ने अवैध शिकार के एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने संरक्षित वन्यप्राणी सांभर का शिकार कर उसका मांस अपने घरों में पकाया और खाने की तैयारी कर रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को वन अमले को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि गांव में किसी वन्यप्राणी का मांस पकाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई और देलारी गांव पहुंचकर अलग-अलग घरों में दबिश दी।
जांच के दौरान आत्माराम, मयाराम, हरिश्चंद्र साव और तरुण के घरों से सांभर का पका हुआ मांस बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया। वहीं मोतीराम राठिया के घर की तलाशी लेने पर पता चला कि वह लगभग 1 किलो मांस पहले ही पका कर खा चुका था। टीम ने उसके घर से भी बर्तन और बचे हुए मांस के अवशेष जब्त किए।
सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर रेंज कार्यालय लाया गया, जहां पूछताछ में उन्होंने शिकार करने की बात स्वीकार कर ली। वन विभाग ने सभी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
रेंजर संजय लकड़ा ने बताया कि जब्त मांस के नमूने जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।







