छत्तीसगढ़ सीएम विष्णु देव साय ने कमर कस ली! महानदी भवन से 15 अप्रैल को सभी कलेक्टरों को ‘सुशासन तिहार 2026’ का धमाकेदार फरमान जारी। गत वर्ष की तर्ज पर इस बार जन शिकायतों का ‘तूफानी सफाया’—सुगम, पारदर्शी, त्वरित! कलेक्टर साहब, आंखें खोलो, 30 अप्रैल तक लटकी फाइलें राख कर दो वरना…!
तीखे निर्देशों का ‘एक्शन प्लान’:
• लंबित केसों पर तलवार: भूमि विवाद (नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन), मनरेगा मजदूरी, हितग्राही योजनाओं के पेंडिंग भुगतान, जाति/आय/निवास प्रमाणपत्र, बिजली ट्रांसफॉर्मर, हैंडपंप मरम्मत—सब 30 अप्रैल तक क्लियर! उज्ज्वला गैस, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, वृद्धा पेंशन का लाभ हर पात्र को फटाफट।
• शिविरों का महायज्ञ: 1 मई-10 जून: ग्रामीण इलाकों में 15-20 पंचायत क्लस्टर, शहरों में वार्ड-बेस्ड ‘जन समस्या निवारण शिविर’! जागरूकता, लाभ वितरण, आवेदन 1 माह में डिस्पोज—हर अप्लाईअर को SMS/सूचना जरूरी। मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव मैदान में उतरेंगे।
• औचक निरीक्षण का डर: सीएम खुद विकास कार्यों चेक करेंगे, जनता से फीडबैक लेंगे। प्रभारी मंत्री-सचिव भी सतर्क!
• समीक्षा और प्रेस धमाल: जिला बैठकें दोपहर बाद, राज्य से बिंदुवार चेकलिस्ट। सीएम प्रेसवार्ता संबोधित करेंगे, संगठनों से भेंट।
• प्रचार का तड़का: जनसंपर्क विभाग-जिला प्रशासन मिलकर TV, रेडियो, सोशल मीडिया पर बौछार—हर गली तक खबर!
सीएम साय का संदेश साफ: “अग्रिम तैयारी करो, जन-आंदोलन बनाओ! आमजन को योजनाओं का पूरा लाभ दो।” प्रतिलिपि में मुख्य सचिव, सभी सचिव, पुलिस महानिदेशक, आयुक्त जनसंपर्क, संभागायुक्त, IG, SP, CEO जिप, नगर निगम अफसर—सब अलर्ट!



