कोरिया/सोनहत। भरतपुर-सोनहत की राजनीतिक हवाओं में अभी भैंसा तस्करी की बदबू और सत्ता के रसूख की गर्मी एक साथ घुली हुई है। सोनहत पुलिस ने सिर्फ 17 भैंसें बरामद नहीं कीं, बल्कि उस राजनीतिक गिरोह का चेहरा भी बेनकाब कर दिया, जो दिन में गौ-रक्षा की दुहाई देता है और रात में मासूम जानों को झारखंड भेजकर मौत के मुंह में ढकेलता है।
वायरल फोटोज का धमाका: तस्कर विधायक के बगल में नजर आया!
सोशल मीडिया पर फैल रही तस्वीरें भाजपा 캠प में तूफान ला रही हैं। इनमें मुख्य आरोपी और भाजपा नेता पी.पी. सिंह विधायक रेणुका सिंह के ठीक पास खड़े होकर मुस्कुराते दिख रहे हैं। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इसे महज संयोग नहीं बताया, बल्कि साफ कहा ये सुनियोजित साठगांठ है!

“जो आदमी विधायक जी के हर कार्यक्रम में चमकता है, वो आज पुलिस की किताबों में फरार है। क्या उनकी फोटो का दम भरकर तस्करी का राज चला रहे हैं?” गुलाब कमरो का सवाल जनता के दिलों में उतर गया है।
पुलिस की कार्रवाई में ‘सेलेक्टिव’ चेहरा: रसूखदार गायब क्यों?
लोगों का गुस्सा पुलिस की ‘चुनिंदा’ कार्रवाई पर भड़क रहा है। प्रेस रिलीज में तो कार्रवाई का ढिंढोरा पीटा, लेकिन फोटो में सिर्फ एक गरीब मजदूर बहादुर सिंह नजर आया। भाजपा नेता पी.पी. सिंह का फोटो कहां गया? नामजद FIR के बावजूद उनकी तस्वीर छिपाना ये दाल में काला नहीं, बल्कि पूरी दाल काली होने का संकेत है। क्या सत्ता का दबाव पुलिस के कैमरे को अंधा कर गया?

हिंदुत्व के नाम पर खून का सौदा? जनता सवाल उठा रही
भरतपुर-सोनहत की जनता गुस्से में है: चुनाव में ‘राम राज्य’ का वादा किया, आखिर ये कैसा राज है? गुलाब कमरो ने तीखे सवाल दागे—
- नैतिकता की दुहाई कहां गई? क्या रेणुका सिंह आरोपी को पार्टी से निकालेंगी?
- क्या विधायक निवास से ही उन्हें ‘अभय’ मिला है, जो पुलिस से बच निकले?
- भाजपा गौ-वंश की बात तो करती है, लेकिन उनके ही नेता भैंसा तस्करी के सरगना कैसे?
चुप्पी जो साख पर भारी पड़ रही
विधायक रेणुका सिंह की खामोशी उनकी छवि और भविष्य पर सवालिया निशान लगा रही है। जहां कानून का राज होना चाहिए, वहां तस्वीरों के बल पर तस्करी का धंधा फल-फूल रहा। गुलाब कमरो का आखिरी वार: “जनता अंधी नहीं। ये फोटोज गवाह हैं रक्षक ही भक्षक बन बैठे हैं। बेजुबानों की चीख इस घमंड को तोड़ देगी।”







