निर्माण सामग्री की कीमतों में 25% उछाल, ठेकेदारों ने दी काम बंद करने की चेतावनी

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

छत्तीसगढ़ में निर्माण कार्यों पर महंगाई की मार साफ नजर आने लगी है। निर्माण सामग्री के दामों में 20 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी ने ठेकेदारों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब उन्होंने काम बंद करने तक की चेतावनी दे दी है।

राजधानी रायपुर में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन की कोर कमेटी की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेशभर से आए ठेकेदारों ने हिस्सा लिया और करीब तीन से चार घंटे तक मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में यह साफ कहा गया कि मौजूदा दरों पर निर्माण कार्य जारी रखना संभव नहीं रह गया है।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला के नेतृत्व में हुई इस बैठक में ठेकेदारों ने बताया कि सड़क, पुल और भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जैसे डामर, लोहा और एल्युमिनियम की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके पीछे वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्धों को एक बड़ा कारण बताया गया।

ठेकेदारों का कहना है कि जिन प्रोजेक्ट्स के टेंडर पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं और वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं, उन्हें पुराने रेट पर पूरा करना अब संभव नहीं है। अगर इसी स्थिति में काम जारी रखा गया, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा और कर्ज में डूबने की नौबत आ सकती है।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार से टेंडर की शर्तों में संशोधन और रेट रिवाइज करने की मांग की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्रियों, विभागीय सचिवों और प्रमुख इंजीनियरों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

 डामरीकरण पर सबसे ज्यादा असर

गर्मी का मौसम सड़कों के डामरीकरण के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है, लेकिन इसी पीक सीजन में डामर की कीमत 50 हजार रुपए प्रति टन से बढ़कर 84 हजार रुपए तक पहुंच गई है। इसके अलावा गैस की कमी के चलते टाइल्स कटिंग जैसे काम भी प्रभावित हो रहे हैं।

 अधूरे प्रोजेक्ट्स का खतरा

प्रदेशभर में खराब सड़कों के मरम्मत और नए निर्माण कार्यों के लिए करोड़ों रुपए के टेंडर जारी किए गए हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इन प्रोजेक्ट्स के अधूरे रह जाने का खतरा बढ़ गया है। लोहा महंगा होने से ओवरब्रिज और अंडरब्रिज जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स भी प्रभावित हो रहे हैं।

ठेकेदारों ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो वे निर्माण कार्य पूरी तरह बंद करने को मजबूर होंगे।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment