80वें दिन भी जारी डीएड अभ्यर्थियों का आमरण अनशन

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 से जुड़े डीएड पात्र अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आमरण अनशन शनिवार को 80वें दिन में प्रवेश कर गया। लंबे समय से जारी इस आंदोलन के बावजूद अब तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी विभाग ने अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की है। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के पहले चरण की काउंसलिंग में विभाग से गंभीर प्रशासनिक चूक हुई, जिसका खामियाजा आज पात्र डीएड उम्मीदवारों को भुगतना पड़ रहा है।

अभ्यर्थियों के मुताबिक विभाग ने 2621 बर्खास्त बीएड उम्मीदवारों के स्थान पर उतनी ही संख्या में डीएड अभ्यर्थियों को स्कूल आवंटित तो कर दिया, लेकिन कॉमन मेरिट सूची को दोबारा व्यवस्थित नहीं किया गया। इसके चलते लगभग 1316 ऐसे उम्मीदवारों को भी स्कूल आवंटित कर दिए गए, जिनके पास न तो डीएड की अनिवार्य योग्यता थी और न ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की पात्रता।

इस प्रशासनिक गड़बड़ी के कारण करीब 1316 पूरी तरह पात्र डीएड अभ्यर्थी आज भी नियुक्ति से वंचित हैं और अपने अधिकार की मांग को लेकर धरना स्थल पर आमरण अनशन करने को मजबूर हैं। आंदोलनरत युवाओं का कहना है कि यदि मेरिट सूची को नियमों के अनुसार दोबारा तैयार किया जाता, तो सभी पात्र अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति मिल चुकी होती।

धरना स्थल पर अभ्यर्थी शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं। इसी क्रम में आंदोलन को जनसमर्थन दिलाने के लिए अभ्यर्थियों द्वारा एक नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया जा रहा है। इस नाटक का विषय है—“जिस तरह अंग्रेजों ने काला कानून बनाकर जनता की आवाज दबाने की कोशिश की थी, उसी तरह आज डीएड अभ्यर्थियों की आवाज को दबाया जा रहा है। क्या इतिहास खुद को फिर से दोहरा रहा है?”

नाटक के जरिए आंदोलनकारी यह संदेश देना चाहते हैं कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायालय के आदेशों का सम्मान होना चाहिए और पात्र युवाओं को उनका हक मिलना चाहिए।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment