ईरान में सत्ता का बड़ा बदलाव? खामेनेई की मौत के दावे के बीच उत्तराधिकार पर मंथन तेज

Madhya Bharat Desk
4 Min Read

ईरान की राजनीति में हलचल मच गई है। अमेरिका और इस्राइल द्वारा किए गए कथित हवाई हमलों के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत का दावा सामने आया है। हालांकि ईरान की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिक गई है कि अगर यह खबर सही साबित होती है तो ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा।

 ईरान में सुप्रीम लीडर कैसे चुना जाता है?

ईरान में सुप्रीम लीडर का चयन 88 सदस्यीय विशेषज्ञों की सभा (Assembly of Experts) करती है। यह संस्था देश की सबसे प्रभावशाली धार्मिक-राजनीतिक परिषद मानी जाती है।

  • इसके सदस्य हर आठ साल में चुने जाते हैं।
  • उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से पहले गार्डियन काउंसिल (Guardian Council) की मंजूरी लेनी होती है।
  • इसी परिषद के पास सुप्रीम लीडर को हटाने का अधिकार भी है, हालांकि अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ।

मार्च 2024 में पूर्व राष्ट्रपति को विशेषज्ञों की सभा के चुनाव में हिस्सा लेने से रोक दिया गया था, जिससे इस प्रक्रिया की सख्ती साफ झलकती है।

 अस्थायी नेतृत्व परिषद संभाल सकती है कमान

ईरानी कानून के मुताबिक, नए सुप्रीम लीडर के चयन तक एक अस्थायी नेतृत्व परिषद देश की बागडोर संभाल सकती है। इसमें शामिल होते हैं:

  • मौजूदा राष्ट्रपति
  • न्यायपालिका प्रमुख
  • गार्डियन काउंसिल का एक सदस्य (जिसे एक्सपेडियेंसी काउंसिल नामित करती है)

यह व्यवस्था सत्ता के खालीपन को रोकने के लिए बनाई गई है।

 संभावित दावेदारों में कौन-कौन?

 1. मोजतबा खामेनेई

खामेनेई के 56 वर्षीय बेटे मोजतबा, जो एक शिया धर्मगुरु हैं, संभावित उत्तराधिकारी माने जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने कोई बड़ा सरकारी पद नहीं संभाला है। यदि सत्ता पिता से पुत्र को मिलती है, तो यह ईरान में धार्मिक नेतृत्व की प्रकृति को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।

2. मोहेसन कोमी

होज्जत-उल-इस्लाम मोहेसन कोमी, खामेनेई के करीबी सलाहकार माने जाते हैं और धार्मिक नेटवर्क में मजबूत पकड़ रखते हैं।

3. अलीरेजा अराफी

अयातुल्ला अलीरेजा अराफी विशेषज्ञों की सभा और गार्डियन काउंसिल में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं। धार्मिक संस्थानों में उनका प्रभाव गहरा है।

4. मोहेसन अराकी

कंजरवेटिव हलकों में लोकप्रिय अयातुल्ला मोहेसन अराकी लंबे समय से विशेषज्ञों की सभा से जुड़े हैं।

 5. हाशिम हुसैनी बुशहरी

कोम के शुक्रवार नमाज के इमाम और विशेषज्ञों की सभा के सदस्य, जिनकी धार्मिक प्रतिष्ठा मजबूत मानी जाती है।

 अंतरराष्ट्रीय तनाव में इजाफा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि संयुक्त हवाई हमलों में खामेनेई मारे गए। वहीं इस्राइली अधिकारियों ने भी तेहरान में हमलों की पुष्टि की है।

हालांकि ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। अगर यह खबर सही साबित होती है, तो पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा भूचाल आ सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का अगला सुप्रीम लीडर न केवल देश की आंतरिक राजनीति बल्कि अमेरिका और इस्राइल के साथ संबंधों की दिशा भी तय करेगा।

फिलहाल स्थिति बेहद संवेदनशील है। ईरान में सत्ता परिवर्तन की संभावना ने वैश्विक कूटनीति को नई दिशा में मोड़ दिया है। आने वाले दिन तय करेंगे कि ईरान की कमान किसके हाथ में जाएगी और इसका असर दुनिया की राजनीति पर कितना गहरा पड़ेगा।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment