रायपुर। होली से पहले छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में अहम फैसला लिया गया। सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को अंतर की राशि का करीब 10 हजार करोड़ रुपये एकमुश्त भुगतान करने का निर्णय किया है। यह राशि होली पर्व से पहले किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, आगामी विधानसभा सत्र और बजट से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ की षष्ठम् विधानसभा के अष्टम् सत्र (फरवरी-मार्च 2026) के लिए राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप को स्वीकृति दी। साथ ही वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान को पेश करने के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के मसौदे को भी हरी झंडी दे दी गई।
किसानों के लिए बड़ा निर्णय
सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित करने का फैसला किया है। इस दौरान राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से कुल 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई।
‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत धान के समर्थन मूल्य और घोषित दर के अंतर की राशि किसानों को दी जाती है। इस वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में डाले जाएंगे।
राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कर रही है, जिसे देश में सर्वाधिक बताया जा रहा है।
35 हजार करोड़ पार करेगा कुल भुगतान
पिछले दो वर्षों में सरकार कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को धान के मूल्य अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर चुकी है। इस बार होली से पहले 10 हजार करोड़ रुपये जारी होने के बाद कुल भुगतान की राशि 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी।
सरकार के इन फैसलों को किसानों के लिए बड़ी राहत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है। होली से पहले इस घोषणा ने प्रदेश के लाखों किसान परिवारों में उत्साह का माहौल बना दिया है।







