रायपुर।छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। परीक्षा प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने शिक्षकों एवं परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों पर एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) लागू कर दिया है।
सरकारी आदेश के अनुसार 15 फरवरी से 30 अप्रैल 2026 तक कोई भी शिक्षक या परीक्षा ड्यूटी में नियुक्त कर्मचारी अवकाश नहीं ले सकेगा। इस अवधि में हड़ताल, धरना, आंदोलन या किसी भी प्रकार के कार्य बहिष्कार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी शिक्षकों को अपने मूल पदस्थापन स्थल पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। उपस्थिति सुनिश्चित होने के बाद ही उनकी ई-पुस्तिका (e-Service Book) अपडेट की जाएगी।
2,514 परीक्षा केंद्र, कंट्रोल रूम से निगरानी
प्रदेशभर में बोर्ड परीक्षाओं के संचालन के लिए 2,514 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। पूरी परीक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए मंडल स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इस वर्ष लगभग 7 लाख छात्र-छात्राएं 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे।
ड्यूटी से बचने पर कड़ी कार्रवाई
गृह विभाग द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा अवधि के दौरान न तो व्यक्तिगत अवकाश और न ही सामूहिक छुट्टियों को मंजूरी दी जाएगी। यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी परीक्षा ड्यूटी से इनकार करता है, तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने परीक्षा संचालन, उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन और परिणाम संबंधी सभी कार्यों को अत्यावश्यक सेवा घोषित किया है।
ESMA क्या है?
एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट, 1979 के तहत ESMA लागू होने पर अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी कार्य से पीछे नहीं हट सकते। अधिनियम की धारा 4(1) के अनुसार कोई भी कर्मचारी पूर्ण या आंशिक हड़ताल, कार्य बहिष्कार या सेवा में बाधा उत्पन्न नहीं कर सकता। नियमों का उल्लंघन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें कानूनी सजा का प्रावधान है।



