Budget 2026: छत्तीसगढ़ को मिला मेगा माइनिंग कॉरिडोर

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

नई दिल्ली।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और प्राकृतिक संसाधनों में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। बजट भाषण में उन्होंने आर्थिक विकास, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने वाले कई अहम ऐलानों की घोषणा की।

आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर को नई रफ्तार देने के लिए सरकार ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0) लॉन्च करने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आईपी डिजाइन को प्रोत्साहित किया जाएगा। लगभग 40 करोड़ रुपये की इस पहल में इंडस्ट्री आधारित रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स की स्थापना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि देश को एक स्किल्ड और टेक्नोलॉजी-रेडी वर्कफोर्स मिल सके।

वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया व्यापार, सप्लाई चेन और संसाधनों की उपलब्धता को लेकर चुनौतियों से जूझ रही है। नई तकनीकों के कारण उत्पादन प्रणाली में तेजी से बदलाव हो रहा है, वहीं पानी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे हालात में भारत को आत्मविश्वास के साथ वैश्विक बाजार से जुड़ते हुए निर्यात बढ़ाने और दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करने की दिशा में काम करना होगा।

छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी राहत और अवसर

बजट 2026 में छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल को बड़ी सौगात देते हुए इन राज्यों में माइनिंग कॉरिडोर (Mining Corridor) विकसित करने की घोषणा की गई है। इससे खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक और बेहतर उपयोग के साथ-साथ निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। खासकर खनिज संपन्न छत्तीसगढ़ को इससे बड़ा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

बायो-फार्मा सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार ने ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना शुरू करने का ऐलान किया है। भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के उद्देश्य से अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना से बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार ने छह प्रमुख क्षेत्रों को फोकस में रखा है, जिनमें मैन्युफैक्चरिंग विस्तार, पारंपरिक उद्योगों का पुनर्जीवन, चैंपियन MSMEs का निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, दीर्घकालिक सुरक्षा और सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास शामिल है।

गौर करने वाली बात यह है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश कर पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है, जबकि उन्होंने प्रणब मुखर्जी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment