रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संग्राम सेनानी, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और छत्तीसगढ़िया किसान समाज के संरक्षक मंडल के प्रमुख अनिल दुबे ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए UGC कानून पर तीखा हमला बोला है।
अनिल दुबे ने कहा कि 13 जनवरी 2026 को लागू किया गया यह कानून पूरे देश में विवाद और असंतोष का कारण बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून समाज को आपस में बाँटने का काम कर रहा है, जो कभी अंग्रेज़ों की पहचान रही ‘फूट डालो और राज करो’ नीति की याद दिलाता है।
उन्होंने कहा कि पहले केंद्र सरकार द्वारा हिंदू–मुस्लिम, हिंदू–ईसाई जैसे मुद्दों पर समाज को बाँटने की कोशिश की गई, और अब UGC कानून के ज़रिए आरक्षण और शिक्षा व्यवस्था को लेकर नया टकराव खड़ा कर दिया गया है। इससे भाई को भाई से लड़ाने की स्थिति बन रही है, जो देश के सामाजिक ताने-बाने के लिए बेहद खतरनाक है।
अनिल दुबे ने स्पष्ट कहा कि उनका संगठन इस कानून का कड़ा विरोध करता है। इसी के तहत प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर UGC कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह देश की एकता और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करे।







