रायपुर। सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित नजूल भूमि को लेकर चल रहे फ्रीहोल्ड विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राजस्व मंडल ने पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड से जुड़ी जमीनों की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगाने के आदेश दिए हैं। यह आदेश आवेदक नारायण लाल शर्मा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया गया है।
याचिकाकर्ता ने राजस्व मंडल के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि सिविल लाइन के मुख्य मार्ग पर स्थित नजूल भूमि को नियमों के विपरीत फ्रीहोल्ड कराया गया है। आवेदन में कहा गया है कि वर्ष 1964 में पूर्व सीएस विवेक ढांड के परिवार को लगभग 1 लाख 53 हजार वर्ग फीट नजूल भूमि का आवासीय पट्टा आवंटित किया गया था, जिसकी रजिस्ट्री राशि करीब 1 लाख 23 हजार रुपये बताई गई है।
आरोप है कि उक्त भूमि को नियमों की अनदेखी करते हुए अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया गया। इनमें 58 हजार वर्ग फीट, 37 हजार वर्ग फीट, 23 हजार वर्ग फीट समेत अन्य भाग शामिल हैं, जिन्हें ढांड परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम पर स्थानांतरित किया गया, जबकि मूल पट्टा ही नियम विरुद्ध बताया जा रहा है।
याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि आवासीय पट्टे पर मिली जमीन का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता, लेकिन आरोप है कि पूर्व सीएस द्वारा इस भूमि का व्यावसायिक उपयोग किया गया। साथ ही, पिछली भूपेश सरकार की फ्रीहोल्ड नीति का लाभ उठाकर जमीन को फ्रीहोल्ड कराने में गंभीर अनियमितताएं हुईं।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार की फ्रीहोल्ड नीति को निरस्त कर दिया है और इससे जुड़े मामलों की जांच जारी है। याचिकाकर्ता को यह सूचना भी मिली है कि संबंधित जमीन को बेचने की तैयारी की जा रही है, जिस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई थी। इसी के मद्देनज़र राजस्व मंडल ने जमीन की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है।






