रायपुर रेंज में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गरियाबंद जिले में सक्रिय 9 माओवादी हथियारों के साथ मुख्यधारा में लौट आए हैं। आत्मसमर्पण के बाद उनकी दी गई सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने गरियाबंद और धमतरी जिलों के जंगलों से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों का जखीरा बरामद किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 19 जनवरी 2026 को गरियाबंद जिले में 9 माओवादियों ने राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर पुलिस के समक्ष समर्पण किया। इसे नक्सल प्रभावित इलाकों में सरकार की नीति की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली अहम जानकारियों के आधार पर 20 जनवरी 2026 को जिला पुलिस और ई-30 टीम ने संयुक्त रूप से जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। थाना शोभा अंतर्गत ग्राम रक्शापथरा के जंगलों में पहाड़ी इलाके में चट्टानों के बीच छिपाकर रखा गया एक AK-47 राइफल और एक 12 बोर हथियार बरामद किया गया।
इसी कड़ी में धमतरी जिले में भी नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई हुई। जनवरी 2026 में आत्मसमर्पण कर चुकी 5 लाख रुपये की इनामी पूर्व महिला नक्सली की सूचना पर डीआरजी धमतरी की टीम ने दौड़पंडरीपानी जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। यहां जमीन में गड्ढा खोदकर पत्तों से ढककर छिपाया गया हथियार डंप बरामद किया गया।
धमतरी से सुरक्षा बलों ने एक एसएलआर 7.62 एमएम ऑटोमेटिक राइफल, दो खाली मैगजीन, एक 12 बोर बंदूक और एक भरमार बंदूक जब्त की है।
पुलिस का कहना है कि इन कार्रवाइयों से नक्सलियों की सशस्त्र क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है और रायपुर रेंज में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे माओवादी हिंसा से दूरी बनाएं और सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर शांति और विकास की राह चुनें।







