भारत की स्टार्टअप क्रांति विकसित भारत की नींव: नेशनल स्टार्टअप डे पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश

Madhya Bharat Desk
4 Min Read

नई दिल्ली:भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम बीते एक दशक में एक सीमित सोच से निकलकर राष्ट्र निर्माण की मजबूत धुरी बन चुका है। नेशनल स्टार्टअप डे के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परिवर्तनकारी यात्रा को “विकसित भारत” के सपने की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि आज के स्टार्टअप फाउंडर्स और इनोवेटर्स नए भारत की वही तस्वीर हैं, जो आत्मनिर्भर और नवाचार से भरी हुई है।

प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया मिशन के 10 साल पूरे होने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह केवल एक सरकारी योजना की सफलता नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों के साकार होने की कहानी है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा विज्ञान भवन की सीमित बैठकों से शुरू होकर आज भारत मंडपम जैसे भव्य और आधुनिक मंच तक पहुंच चुकी है।

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि करीब 10 वर्ष पहले जब स्टार्टअप इंडिया की नींव रखी गई थी, तब इसमें भाग लेने वाले युवाओं की संख्या मात्र 500 से 700 के बीच हुआ करती थी। आज हालात ऐसे हैं कि भारत मंडपम जैसे विशाल परिसर में भी स्टार्टअप से जुड़े लोगों के लिए जगह कम पड़ने लगी है। यह बदलाव सिर्फ स्थान का नहीं, बल्कि सोच, आत्मविश्वास और वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दशक में भारत ने इनोवेशन को लेकर अपनी मानसिकता बदली है। उन्होंने युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि नए सपने देखने और जोखिम उठाने का साहस रखने वाले इनोवेटर्स ही देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहे हैं।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने समाज में स्टार्टअप को लेकर बदले नजरिए का भी जिक्र किया। उन्होंने 10 साल पुरानी एक घटना साझा करते हुए बताया कि जब एक युवती ने सुरक्षित कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर स्टार्टअप शुरू करने का निर्णय लिया था, तो उसकी मां ने इसे “बर्बादी की राह” बताया था। यह उस समय देश में स्टार्टअप को लेकर मौजूद असुरक्षा और संदेह को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज वही स्टार्टअप देश की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम बन चुका है। स्टार्टअप इंडिया ने ‘नौकरी मांगने वाले’ युवाओं को ‘नौकरी देने वाला’ बनने का आत्मविश्वास दिया है। यही इस मिशन की सबसे बड़ी सफलता है।

पीएम मोदी ने बताया कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और स्टार्टअप इंडिया आंदोलन एक क्रांति का रूप ले चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेशनल स्टार्टअप डे सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन युवाओं का उत्सव है जो अपनी सोच, तकनीक और नवाचार से भारत की दिशा बदल रहे हैं।

प्रधानमंत्री के संबोधन से यह साफ है कि सरकार स्टार्टअप सेक्टर को नए भारत के भविष्य के रूप में देख रही है। विज्ञान भवन से भारत मंडपम तक की यह यात्रा इस बात का प्रतीक है कि भारत अब वैश्विक इनोवेशन हब बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment