रायपुर। मनरेगा के विकल्प के रूप में लाई गई वीबी-जी रामजी योजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का सफल समापन हुआ। कार्यशाला को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कहा कि यह कानून छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में विकास की नई इबारत लिखेगा और गांवों की तस्वीर बदलने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
प्रदेश महामंत्री ने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में कांग्रेस सरकारों ने मनरेगा के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, जबकि जमीनी स्तर पर अपेक्षित विकास नहीं हो सका। उन्होंने दावा किया कि वीबी-जी रामजी योजना के माध्यम से विकास के कार्य अब कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि धरातल पर नजर आएंगे।
यशवंत जैन ने कहा कि इस नई योजना से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया, गोदाम, जल संरक्षण संरचनाओं सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण तेजी से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गांवों का सशक्त होना अनिवार्य है।
उन्होंने मनरेगा पर सवाल उठाते हुए कहा कि हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीण विकास की स्थिति संतोषजनक नहीं रही। कांग्रेस द्वारा वीबी-जी रामजी योजना का विरोध उसी पुरानी राजनीति का हिस्सा है, जिसमें काम से ज्यादा बयानबाजी पर जोर दिया जाता है।
प्रदेश महामंत्री ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता इस योजना को लेकर गांव-गांव जाएंगे। चौपाल, जनसंवाद कार्यक्रम और घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से लोगों को योजना की जानकारी दी जाएगी। यह जनजागरण अभियान फरवरी के अंतिम सप्ताह तक चलाया जाएगा।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने हमेशा गांधी और नेहरू परिवार के नाम पर राजनीति की और महात्मा गांधी के विचारों को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ‘राम’ नाम से आपत्ति है, जबकि यह योजना पूरी तरह से गांव, गरीब और किसान के कल्याण को समर्पित है।
भाजपा ने भरोसा दिलाया कि वीबी-जी रामजी कानून के लागू होने के बाद प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रोजगार, विकास और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय शुरू होगा।







