नई दिल्ली।जब पूरी दुनिया नए साल के स्वागत की तैयारियों में जुटी होती है, तब एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि आखिर सबसे पहले नया साल किस जगह आता है? दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के हर देश में यह पल एक साथ नहीं आता।
दुनिया में सबसे पहले नए साल की शुरुआत प्रशांत महासागर में स्थित किरिमाती द्वीप से होती है। इसे क्रिसमस आइलैंड भी कहा जाता है। जैसे ही यहां घड़ी रात 12 बजाती है, नया साल दस्तक दे देता है, जबकि दुनिया के अधिकांश हिस्सों में लोग अभी पुराने साल को अलविदा कहने की तैयारी कर रहे होते हैं।
किरिमाती द्वीप किरिबाती देश का हिस्सा है, जो 1979 में ब्रिटेन से आज़ाद हुआ था। यह देश कई छोटे-बड़े द्वीपों से मिलकर बना है और यहां की कुल आबादी करीब 1.16 लाख है। भले ही किरिमाती भौगोलिक रूप से हवाई के करीब दक्षिण में स्थित है, लेकिन समय के मामले में यह दुनिया से काफी आगे है।
क्यों सबसे पहले आता है नया साल?
इसका कारण है टाइम जोन। किरिमाती दुनिया के सबसे आगे वाले टाइम जोन UTC+14 में आता है। जैसे ही यहां आधी रात होती है, कई देशों में अभी दिन का उजाला होता है या पुरानी तारीख चल रही होती है।
टाइम जोन का ‘रहस्य’ क्या है?
धरती अपनी धुरी पर 24 घंटे में पूरा चक्कर लगाती है। इस दौरान वह 360 डिग्री घूमती है, यानी हर 15 डिग्री देशांतर पर समय में एक घंटे का अंतर होता है। इस तरह हर एक डिग्री देशांतर पर करीब 4 मिनट का फर्क पड़ता है।
इसी गणना के आधार पर दुनिया को अलग-अलग टाइम जोन में बांटा गया है। इसका केंद्र बिंदु है इंटरनेशनल डेट लाइन, जो प्रशांत महासागर से गुजरती है। इस रेखा के एक तरफ तारीख आगे होती है, तो दूसरी तरफ पीछे।
यही वजह है कि जब किरिमाती में नया साल शुरू होता है, तब अमेरिका के न्यूयॉर्क जैसे शहरों में अभी 31 दिसंबर की सुबह होती है।
अलग-अलग देशों में नए साल का समय
किरिबाती के बाद समोआ और टोंगा (UTC+13) नए साल में प्रवेश करते हैं। इसके बाद न्यूजीलैंड, फिर ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में भव्य आतिशबाजी के साथ जश्न मनाया जाता है।
एशिया में जापान, दक्षिण कोरिया और फिर भारत में नया साल आता है। भारत में जब लोग 1 जनवरी का स्वागत करते हैं, तब किरिमाती में दोपहर हो चुकी होती है।
यूरोप और अमेरिका सबसे आखिर में आते हैं। लंदन में आधी रात होने तक किरिबाती में अगला दिन शुरू हो चुका होता है। दुनिया में सबसे अंत में नया साल हवाई और अमेरिकन समोआ (UTC-11) जैसे इलाकों में मनाया जाता है।







