नई दिल्ली।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की जगह VB-G RAM G एक्ट लाए जाने को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे राज्यों और गरीब वर्ग के खिलाफ एक “विनाशकारी फैसला” करार देते हुए कहा कि यह निर्णय नोटबंदी की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना व्यापक चर्चा के अकेले लिया है।
एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने न तो राज्यों से सलाह ली और न ही इस कदम के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कानून का हर स्तर पर विरोध करेगी और उम्मीद जताई कि समूचा विपक्ष इस लड़ाई में साथ खड़ा होगा।
राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार देने की योजना नहीं थी, बल्कि यह एक अधिकार-आधारित विकास मॉडल था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा हुई। उनके मुताबिक इस योजना को खत्म करना देश के संघीय ढांचे और गरीबों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि कांग्रेस 5 जनवरी से देशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करेगी, जिसके माध्यम से आम जनता को इस फैसले के प्रभावों से अवगत कराया जाएगा।
#WATCH | Delhi: After the CWC meeting, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "...This is an attack on the states of India because they are simply taking away money that belongs to the state, decision-making power that belongs to the state. This is an attack on the… pic.twitter.com/G6tHbpK7hp
— ANI (@ANI) December 27, 2025
राहुल गांधी ने दोहराया कि यह फैसला गरीबों और राज्यों के लिए उतना ही नुकसानदेह है, जितना नोटबंदी का निर्णय था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने कैबिनेट से चर्चा किए बिना और गंभीर मूल्यांकन के बिना मनरेगा को समाप्त कर दिया।
गौरतलब है कि करीब 20 वर्षों से लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लेने वाला VB-G RAM G बिल हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष के कड़े विरोध के बीच पारित किया गया। नए कानून में ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों के वेतनयुक्त रोजगार का प्रावधान किया गया है।







