उज्जैन में अवैध तरीके से क्लिनिक चलाने और बिना वैध डिग्री के प्रसूति उपचार करने वाली फर्जी डॉक्टर तैयबा शेख को शनिवार को पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया। करीब दो महीने से फरार चल रही तैयबा को जैसे ही पुलिस टीम उसके ठिकाने पर पहुँची, वह भागने की कोशिश करने लगी, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। यह गिरफ्तारी उस दर्दनाक मामले से जुड़ी है जिसमें इलाज के दौरान एक नवजात की मौत हो गई थी।
पूरा मामला 2 अक्टूबर को शुरू हुआ था। चिंतामन इलाके में रहने वाले लखन मालवीय अपनी गर्भवती पत्नी काजल को प्रसव पीड़ा होने पर मक्सी रोड स्थित पांचवासा क्षेत्र के ‘आशीर्वाद अस्पताल’ लेकर गए थे। वहाँ तैयबा शेख ने स्वयं को डॉक्टर बताकर काजल को भर्ती कर लिया। दिनभर इलाज के नाम पर इंजेक्शन और खून की बोतल चढ़ाई जाती रही, लेकिन काजल की हालत लगातार बिगड़ती गई।
स्थिति खराब होने पर तैयबा शेख उसे दूसरे अस्पताल ले गई, लेकिन वहाँ काजल और उसके परिजन को बिना इलाज के छोड़कर फरार हो गई। उसी दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई, जिससे परिवार गहरे सदमे में चला गया।
घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 3 अक्टूबर को आशीर्वाद अस्पताल को सील कर दिया। जांच में सामने आया कि तैयबा शेख के पास किसी भी प्रकार की मेडिकल डिग्री या क्लिनिक पंजीकरण नहीं है। वह लंबे समय से ‘खुशी क्लिनिक’ और ‘आशीर्वाद मेडिकल एंड सर्जिकल क्लिनिक’ जैसी संस्थाओं को बिना पंजीकरण चला रही थी।
गंभीर लापरवाही, अवैध क्लिनिक संचालन और नवजात की मौत के मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। आज शनिवार को उसके पकड़े जाने के बाद पुलिस अब पूरे मामले को आगे बढ़ाकर कानूनी कार्रवाई में जुट गई है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।







