मध्यप्रदेश विधानसभा ने विधायकों की सैलरी बढ़ाने की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव के अनुसार विधायकों का मासिक वेतन बढ़ाकर 1.60 लाख रुपये किया जा सकता है। फिलहाल इस सिफारिश पर अंतिम फैसला सरकार की विशेष समिति लेगी। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो एमपी के विधायकों की तनख्वाह राजस्थान से भी ज्यादा हो जाएगी।
इस सिफारिश के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि बढ़ती महंगाई और जिम्मेदारियों को देखते हुए मानदेय बढ़ाना जरूरी है। विधायकों का मानना है कि उनके क्षेत्र में काम करने और जनता की समस्याओं को हल करने के लिए खर्च भी बढ़ा है।
हालांकि, इस मुद्दे पर जनता के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सही ठहराते हैं, जबकि कई लोग सवाल उठाते हैं कि जब आम जनता महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है, तब विधायकों की सैलरी बढ़ाना कितना उचित है।
अब सबकी नजर सरकार की कमेटी पर है, जो इस सिफारिश पर निर्णय लेगी। अगर मंजूरी मिलती है तो एमपी के विधायक देश के सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले जनप्रतिनिधियों में शामिल हो जाएंगे।



