छत्तीसगढ़ की राजनीति इस समय नक्सल फंडिंग को लेकर नए आरोपों और पलटवारों के बीच बेहद गर्म हो चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने बीजेपी पर ऐसा गंभीर और चौंकाने वाला आरोप लगाया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
बघेल का कहना है कि BJP के शासनकाल में नक्सलियों की पहुंच सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों के कैंप कार्यालयों तक बनी हुई थी, जहां वे खुले तौर पर “उगाही” करते थे। उनके मुताबिक नक्सली संगठन सीधे सरकारी विभागों से संपर्क कर “हफ्ता वसूली” भी किया करते थे।
बघेल ने दावा किया कि यह कोई सामान्य आरोप या सुनी-सुनाई कहानी नहीं है, बल्कि एक वास्तविक घटना है। उन्होंने कहा कि एक पूर्व गृहमंत्री के पास मौजूद एक लाख रुपये की वसूली की रसीद इसका पक्का सबूत है। बघेल के अनुसार, यह रसीद साफ दर्शाती है कि नक्सलियों का फंडिंग नेटवर्क राज्य की मशीनरी के भीतर तक फैला हुआ था और उस समय शासन में बैठे लोग इस पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर रहे थे।
कांग्रेस नेता का यह दावा सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई।
वहीं दूसरी ओर, BJP ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नक्सल समर्थक विचारधारा से प्रेरित है और बघेल के आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।







