पटना:बिहार के बाहुबली नेता अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। आगामी 6 और 11 नवंबर के मतदान और 14 नवंबर की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं।
मोकामा हत्याकांड के बाद राज्य निर्वाचन आयोग, पटना जिला प्रशासन और केंद्रीय चुनाव आयोग ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त तैयारी शुरू की है।
सभी लाइसेंसी हथियार जमा कराने के आदेश
पटना के डीएम डॉ. थियागराजन एसएम ने प्रेस वार्ता में बताया कि मोकामा विधानसभा क्षेत्र की घटना को गंभीरता से लेते हुए सख्त सुरक्षा कदम उठाए गए हैं।
चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी लाइसेंसी हथियार जमा कराने के आदेश दिए गए हैं।
हर विधानसभा क्षेत्र में 50 से अधिक चेकिंग प्वाइंट्स बनाए जा रहे हैं, और सीएपीएफ के जवानों की तैनाती भी की गई है।
उन्होंने कहा कि अवैध हथियारों की जब्ती के लिए लगातार छापेमारी चल रही है, और अब तक सबसे ज्यादा जब्ती पटना में हुई है।
अब तक 80 लोगों की गिरफ्तारी
डीएम ने बताया, “घटना के बाद से प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पिछले 48 घंटे से लगातार कार्रवाई की जा रही है। स्थिति अब सामान्य है।”
उन्होंने बताया कि कल 80 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
आचार संहिता उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
पटना एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि 30 अक्तूबर को मोकामा में दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।
इसमें 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हुई थी।
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह घटना आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी थी।
मुख्य आरोपी बने अनंत सिंह
एसएसपी ने बताया कि झड़प के दौरान अनंत सिंह मौजूद थे, इसलिए उन्हें मुख्य आरोपी बनाया गया है।
उनके साथियों मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी गिरफ्तार किया गया है।
तीनों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा, जबकि हत्या की जांच जारी रहेगी।
मतदाताओं से निडर होकर वोट करने की अपील
एसएसपी ने कहा,
“पटना पुलिस मतदाताओं को आश्वस्त करना चाहती है कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष होंगे।
सभी नागरिक निर्भय होकर मतदान करें। प्रशासन हर वोटर की सुरक्षा की जिम्मेदारी ले रहा है।”



