छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रायपुर दौरा ऐतिहासिक और भावनात्मक पलों से भरपूर रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया और राज्य के विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने प्रदेश की राजनीतिक परंपरा और नेताओं की कार्यशैली की सराहना करते हुए विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि राजनीति में ऐसे बहुत कम उदाहरण देखने को मिलते हैं, जहां कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री जैसे सर्वोच्च पद पर रहने के बाद भी उसी राज्य के विकास के लिए एक कार्यकर्ता की तरह आगे बढ़कर काम करता है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में जब कप्तान बदलता है, तो पूर्व कप्तान को उसके नेतृत्व में खेलना पड़ता है, लेकिन राजनीति में ऐसा कम ही होता है। मोदी ने डॉ. रमन सिंह को इस मिसाल का प्रतीक बताया, जिससे पूरा सभा स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और डॉ. रमन सिंह के बीच पुरानी मित्रता के भावनात्मक दृश्य देखने को मिले। दोनों नेताओं ने हँसते हुए बातचीत की और राज्य के विकास को लेकर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने विधानसभा भवन के उद्घाटन से पहले ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में भी भाग लिया, जिससे उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन के बाद जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी मंच से नीचे उतरे, उनकी नज़र दर्शक दीर्घा में बैठीं डॉ. रमन सिंह की पत्नी वीणा सिंह पर पड़ी। उन्होंने सीधे वहाँ पहुँचकर उनका हालचाल जाना और करीब 40 सेकंड तक बातचीत की। यह पल उपस्थित दर्शकों के लिए बेहद भावनात्मक और सम्मान से भरा रहा।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे ने न केवल छत्तीसगढ़ के लिए विकास के नए द्वार खोले, बल्कि यह भी दर्शाया कि राजनीति में मानवीय रिश्ते और संवेदनाएँ हमेशा सर्वोपरि रहती हैं।



