छत्तीसगढ़ी ही हमारी पहचान’—जनगणना से पहले तेज हुआ भाषा आंदोलन

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलनकारी (छसपा), सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज, छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा, छबेस तथा छत्तीसगढ़ छात्र संघ ने सभी छत्तीसगढ़िया परिवारों से 2026 जनगणना के मातृभाषा कॉलम में छत्तीसगढ़ी भाषा अनिवार्य रूप से लिखवाने का निवेदन किया है।

राज्य भाषा प्रचार समिति के कार्यालय, छत्तीसगढ़ी भवन (हांडीपारा) में रविवार को विभिन्न संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए राज्य आंदोलनकारी अनिल दुबे ने कहा कि जनगणना कर्मचारी यदि छत्तीसगढ़ी को मातृभाषा के रूप में दर्ज करने से मना करता है, तो तत्काल छत्तीसगढ़ी भवन में सूचना दें।

मोबाइल नंबर 9827150001 पर संपर्क करने पर कर्मचारी के खिलाफ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ की राज्य भाषा छत्तीसगढ़ी है, जिसके लिए छत्तीसगढ़ी भवन के सभी संगठन 60 वर्षों से संघर्षरत हैं।

इस उद्देश्य से एक विशेष टीम गठित की गई है, जिसमें अनिल दुबे, दीनदयाल वर्मा, जी.पी. चंद्राकर, लालाराम वर्मा, श्यामू राम सेन, छन्नू साहू, बृज बिहारी साहू, चेतन देवांगन, विमल ताम्रकार, शिवनारायण ताम्रकार, महेंद्र कौशिक, जगदंबा साहू, अशोक कश्यप, अंकित साहू सहित कुल 55 सदस्य शामिल हैं। टीम के सदस्य 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।

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