नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रचार अभियान को लेकर दिल्ली कांग्रेस की उपेक्षा चर्चा में है। पार्टी हाईकमान ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, लेकिन इस सूची में दिल्ली कांग्रेस से किसी भी नेता को जगह नहीं दी गई। इससे राजधानी इकाई के नेताओं के घटते कद पर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, एआईसीसी (AICC) द्वारा जारी सूची में मीरा कुमार, अलका लांबा और पवन खेड़ा जैसे नाम शामिल हैं, लेकिन इनका दिल्ली प्रदेश कांग्रेस से सीधा संबंध नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव, पूर्व अध्यक्ष अजय माकन और अन्य वरिष्ठ नेताओं को इस सूची से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
पूर्व सांसद महाबल मिश्रा के पार्टी छोड़ने के बाद से दिल्ली कांग्रेस में बिहार और पूर्वांचल से जुड़े मजबूत चेहरों की कमी महसूस की जा रही है। अब पार्टी के पास इस क्षेत्र के वोट बैंक को प्रभावित करने वाला कोई प्रमुख नेता नहीं बचा है।
राजधानी दिल्ली में बिहार मूल के लोगों की बड़ी आबादी होने के बावजूद, कांग्रेस ने स्थानीय नेताओं को नजरअंदाज किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पार्टी की रणनीति हो सकती है, लेकिन इससे दिल्ली इकाई के मनोबल पर असर पड़ना तय है।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे बिहार चुनाव में स्टार प्रचारक के रूप में शामिल किया गया है, लेकिन यह भी विचारणीय है कि दिल्ली कांग्रेस का कोई सीधा प्रतिनिधित्व नहीं है। संभव है कि इसके पीछे पार्टी की कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति हो।”
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस को दिल्ली और बिहार के बीच तालमेल बेहतर करने की जरूरत है, ताकि संगठनात्मक एकजुटता बनी रहे और प्रदेश स्तर पर प्रभाव बढ़े।







