देशभर में मतदाता सूची को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। चुनाव आयोग (ECI) ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2.0) की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही सोमवार आधी रात से इन राज्यों की मतदाता सूचियां फ्रीज कर दी गईं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि SIR 2.0 की प्रक्रिया 7 फरवरी 2026 तक पूरी होगी, जिसके बाद नई मतदाता सूची जारी की जाएगी।
मतदाता सूची फ्रीज – अब नहीं होगा कोई बदलाव
चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार, अब इन 12 राज्यों में मतदाता सूची में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। राज्य सरकारों को भी प्रशासनिक फेरबदल के लिए आयोग की अनुमति लेनी होगी। फ्रीज की गई सूची के सभी मतदाताओं को बीएलओ (Booth Level Officer) विशिष्ट गणना प्रपत्र देंगे, जिनमें आवश्यक विवरण शामिल होंगे।
बीएलओ के माध्यम से मतदाता इन फॉर्म्स का मिलान करेंगे कि उनके नाम पिछले SIR में थे या नहीं। यदि नाम पहले से सूची में था या माता-पिता का नाम शामिल था, तो कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
आधार कार्ड पर स्पष्टता
आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आधार कार्ड को पहचान प्रमाण के रूप में मान्यता दी है, लेकिन इसे नागरिकता, जन्मतिथि या निवास प्रमाण के रूप में नहीं माना जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि आधार केवल पहचान और ई-हस्ताक्षर के लिए मान्य है।
असम को क्यों मिला अपवाद?
असम में नागरिकता जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है। इसलिए वर्तमान आदेश वहां लागू नहीं होगा। असम के लिए अलग से SIR तिथि और पुनरीक्षण आदेश जारी किया जाएगा।
बीएलओ तीन बार घर पहुंचेंगे
चुनाव आयोग ने तय किया है कि बीएलओ मतदाता जानकारी के सत्यापन के लिए तीन बार घरों का दौरा करेंगे। वे यह भी जांचेंगे कि किसी व्यक्ति का नाम किसी अन्य राज्य की सूची में तो नहीं है।
ऑनलाइन प्रक्रिया भी उपलब्ध
मतदाता अब ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते हैं। जिनके नाम पुरानी सूची में नहीं थे, वे 12 मान्य दस्तावेजों में से किसी के आधार पर पात्रता सिद्ध कर सकते हैं। यदि कोई असहमति होती है, तो मतदाता जिला मजिस्ट्रेट या राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर सकता है।
नए नियम और अर्हताएं
18 वर्ष से अधिक आयु के भारतीय नागरिक जिन पर कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं है, उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अधिकार है। आयोग ने यह भी तय किया है कि किसी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे।
राज्यों में SIR 2.0 की प्रक्रिया ऐसे चलेगी
- पुरानी मतदाता सूची को मूल सूची माना जाएगा।
- उसी के आधार पर नाम जोड़े या काटे जाएंगे।
- सभी मतदाता http://voters.eci.gov.in पर जाकर 2002–2004 की सूची से नाम मिलान कर सकेंगे।
- बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे।
राज्य स्तर पर दलों से बैठकें होंगी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) राजनीतिक दलों के साथ बैठकर पूरी प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे।







