तमिलनाडु की राजनीति में आगामी चुनावों से पहले माहौल गरमाता नज़र आ रहा है। मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने भाजपा और एआईएडीएमके गठबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों पार्टियां Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही हैं ताकि चुनावी परिणामों को अपने पक्ष में मोड़ा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने तमिलनाडु में SIR लागू करने की घोषणा की है। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को पत्र लिखकर बताया कि बिहार में इसी प्रक्रिया के दौरान लाखों लोगों के मतदान अधिकार खत्म हो गए थे। उनका आरोप है कि भाजपा-एआईएडीएमके गठबंधन तमिलनाडु में भी वैसा ही करने की योजना बना रहा है।
इस पूरे विवाद ने राज्य की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है। सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव आयोग को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे ताकि जनता का लोकतंत्र पर विश्वास बना रहे।



