प्रार्थना सभा के बहाने ब्रेनवॉश: बिलासपुर में पति-पत्नी सहित छह गिरफ्तार”

Madhya Bharat Desk
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक ऐसे प्रकरण का खुलासा हुआ है, जिसमें कथित रूप से एक मकान में आयोजित प्रार्थना सभा के माध्यम से लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित कर धर्म परिवर्तन व ब्रेनवॉश किये जाने का आरोप लगा है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में एक पति-पत्नी समेत कुल छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

मामला उस जिले के स्थानीय इलाके का है, जहाँ शिकायत मिली थी कि नाममात्र की प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी, लेकिन असल उद्देश्य लोगों को “प्रार्थना के बहाने” बहकाना और उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करना था। हिंदू संगठनों से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की, मौके पर दबिश दी और पूछताछ के बाद छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।

गिरफ्तार किए गए लोगों में एक दंपति भी शामिल हैं — जिन पर आरोप है कि उन्होंने सभा का आयोजन किया तथा उसमें शामिल लोगों को धार्मिक पुस्तकों, डायरी आदि के माध्यम से प्रभावित किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सभा में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भाग ले रहे थे, जिन्हें प्रार्थना सभा के बहाने बुलाया गया और आंदोलनकर्ता या प्रेरक द्वारा उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

पुलिस ने प्रारंभिक जाँच में पाया कि घटना स्थल पर धार्मिक प्रचार-सामग्री मिली है और यह कि उपस्थित जन-समूह में अन्य धर्मावलंबियों के अलावा हिन्दू समुदाय के लोगों की संख्या भी थी। इस तरह की गतिविधि पर स्थानीय हिंदू संगठनों ने तीखा विरोध जताया है तथा प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन ने इस मामले को संवेदनशील बताया है और कहा है कि लोग शांत रहें एवं अफवाहों पर भरोसा न करें। साथ ही पुलिस आगे की जाँच में यह देखने में लगी है कि वास्तव में धर्मांतरण हुआ है या नहीं — और यदि हुआ है, तो किस प्रकार से तथा किसके द्वारा। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच एवं निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है, ताकि सामाजिक शांति बनी रहे और किसी को भी धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर वंचित न किया जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर इस मुद्दे को सार्वजनिक विमर्श में ला दिया है कि प्रार्थना सभा जैसे धार्मिक आयोजनों का उपयोग किस-हद तक किया जा सकता है, जब उसमें मानव-मनोवैज्ञानिक प्रभावित करने वाले तत्व (ब्रेनवॉश) शामिल हों। इसलिए यह आवश्यक है कि नागरिक सतर्क रहें, धार्मिक आयोजनों में भाग लेने से पहले आयोजनकर्ता एवं उद्देश्य के बारे में जानकारी रखें, और यदि किसी गतिविधि में अनायास किसी धर्मांतरण की बात सामने आती है, तो समय रहते शिकायत करें।

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