समस्तीपुर में बढ़ा सियासी संग्राम: NDA और महागठबंधन दोनों ने जीत का किया दावा, जनता बोली—अब बदलाव जरूरी

Madhya Bharat Desk
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। 6 और 11 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले समस्तीपुर में सियासी सरगर्मी चरम पर है।

इस चुनावी बहस में जहां NDA समर्थक नीतीश कुमार और पीएम मोदी के कामों की तारीफ करते नजर आए, वहीं महागठबंधन समर्थक तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के रूप में देखने की उम्मीद जता रहे हैं।

चाय पर चर्चा: जनता ने क्या कहा?

“यहां का माहौल NDA के पक्ष में है”

स्थानीय निवासी अनिल राय का कहना है, “समस्तीपुर में NDA की स्थिति मजबूत है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लोगों को राहत मिली है, खासकर महिलाओं को आर्थिक सहायता।”

वहीं संदीप कुमार ने कहा, “इस बार बदलाव की जरूरत है। हम तेजस्वी यादव की सरकार चाहते हैं क्योंकि उन्होंने बेरोजगारी और आरक्षण जैसे मुद्दों पर ईमानदारी से बात की है।”

“अब बदलाव का समय आ गया है”

अमरनाथ कुमार ने कहा, “हम तेजस्वी यादव को मौका देना चाहते हैं। उनके पिछले कार्यकाल में रोजगार और युवाओं के लिए बेहतर योजनाएं थीं। अब बिहार को कंपते हाथों वाली सरकार नहीं चाहिए।”

युवाओं की राय: रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा

मोहित ने कहा, “समस्तीपुर में रोजगार और शिक्षा सबसे बड़ी समस्या है। सरकार को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और बेहतर शैक्षिक सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।”

आबिद ने कहा, “तेजस्वी यादव ने नौकरी देने का वादा किया था और उस दिशा में कदम भी उठाए। लेकिन विकास के नाम पर नीतीश सरकार ने ठोस काम नहीं किया।”

सोनू कुशवाहा ने कहा, “यहां 90% युवा तेजस्वी यादव के साथ हैं। लालू यादव ने हमारी पहचान को सम्मान दिया था और अब तेजस्वी उसी राह पर चल रहे हैं।”

राजनीतिक बहस: NDA और महागठबंधन आमने-सामने

NDA की एकता पर भरोसा

भाजपा नेता मनोज जायसवाल ने कहा, “एनडीए में कोई मतभेद नहीं है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का विकास जारी रहेगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में बिहार का भविष्य सुरक्षित है।”

विकास और किसान का मुद्दा

माले नेता सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, “20 सालों में किसानों की हालत नहीं बदली। चीनी कारखाना, पेपर मिल और जूट मिल आज भी बंद हैं। सरकार सिर्फ घोषणाओं में व्यस्त है।”

अमित कुमार ने कहा, “चीनी मिलों का बंद होना बड़ी समस्या है। बेरोजगारी और पलायन का मुद्दा हर चुनाव में उठता है लेकिन हल नहीं होता।”

किसानों और विकास पर चिंता

महागठबंधन समर्थक राकेश प्रताप सिंह ने कहा, “बिहार में अभी भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। हर महीने देश में लगभग 600 किसान अपनी जान दे रहे हैं और सरकार विकास के झूठे दावे कर रही है।”

भाजपा समर्थक वीरेंद्र कुमार ने कहा, “समस्तीपुर को सीवान की तरह न बनने दें। एनडीए की सरकार ने महिलाओं और गरीबों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, और आगे भी रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे।”

समस्तीपुर में चुनावी मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर है। एक तरफ NDA विकास और सुशासन का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर महागठबंधन रोजगार और बदलाव की बात कर रहा है। जनता का मूड अभी बंटा हुआ है, लेकिन युवाओं में रोजगार और शिक्षा को लेकर गहरी बेचैनी साफ नजर आ रही है।

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