बिहार की राजनीति में जनसुराज अभियान तेजी से मजबूत होता जा रहा है। ताजा सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, जनसुराज के वोट शेयर में इस महीने करीब 4.5 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह अब तक की सबसे बड़ी छलांग मानी जा रही है, जिसने पूरे राज्य के राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है।
वहीं दूसरी ओर, एनडीए गठबंधन के वोट प्रतिशत में गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, एनडीए के समर्थन में कमी आने से विपक्षी दलों के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जनसुराज की बढ़त का मुख्य कारण ग्रामीण इलाकों में बढ़ती पकड़ और युवाओं का समर्थन है। पार्टी की लगातार जनसभाओं, संवाद यात्राओं और संगठन विस्तार का असर अब सर्वे के आंकड़ों में दिखाई देने लगा है।
हालांकि, अंतिम फैसला आगामी विधानसभा चुनावों में ही तय होगा, लेकिन सर्वे के ताजा नतीजों ने बिहार की सियासत में नई ऊर्जा भर दी है। सभी दल अब अपने रणनीतिक समीकरणों को दोबारा परखने में जुट गए हैं।



