राज्य सरकार ने अब सरकारी स्कूलों में बच्चों की हाजिरी को और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब शिक्षकों को रोजाना रजिस्टर में हाजिरी दर्ज करने के बाद प्रत्येक बच्चे की उपस्थिति की जानकारी ऑनलाइन एप में भी दर्ज करनी होगी। इस व्यवस्था के जरिए मुख्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी रियल टाइम में यह देख सकेंगे कि स्कूल में कितने बच्चे उपस्थित हैं।
फिलहाल पांच जिलों में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। इसके तहत शिक्षकों को मोबाइल ऐप पर सभी बच्चों की उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इस नए सिस्टम से स्कूलों में उपस्थिति का सटीक और तुरंत डाटा हर स्तर पर देखा जा सकेगा। इससे यह भी तय होगा कि कौन से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम है और वहां सुधार के लिए क्या कदम उठाने होंगे।
शिक्षकों के लिए यह जिम्मेदारी नई नहीं है क्योंकि वे पहले से कई ऐप्स पर काम कर रहे हैं, जैसे हरियर पाठशाला, विनोबा ऐप, गूगल शीट, दीक्षा ऐप आदि। अब इन ऐप्स के साथ एक नया अटेंडेंस ऐप भी जोड़ा गया है। इस सिस्टम की मदद से अभिभावकों को भी फोन कर गैरहाजिर बच्चों की जानकारी ली जाएगी और उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस व्यवस्था के लागू होने से सरकारी स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, बच्चों की उपस्थिति में सुधार होगा और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकेगा। यह कदम डिजिटल शिक्षा प्रणाली की दिशा में राज्य सरकार का एक अहम प्रयास है।



