छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत भुगतान (Payment) को लेकर ठेकेदारों में फिर नाराजगी बढ़ गई है। ठेकेदारों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने हाल ही में 181 करोड़ रुपये की राशि जारी की, लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा मल्टी विलेज और बाहरी ठेकेदारों को दे दिया गया, जबकि सिंगल विलेज प्रोजेक्ट के ठेकेदारों को भुगतान नहीं मिला।
इस निर्णय से छत्तीसगढ़ के स्थानीय ठेकेदारों में भारी रोष है। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ ठेकेदार संगठन के कुछ सदस्य कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेश शुक्ला पर दबाव बना रहे हैं कि मंत्री के निर्देश के बावजूद अब तक सिंगल विलेज ठेकेदारों का भुगतान नहीं हुआ है।
एमडी, एडिशनल एमडी और मंत्री के ओएसडी जिम्मेदार
राज्य गठन के बाद यह पहला मौका है जब दीपावली के समय ठेकेदारों को भुगतान नहीं मिला। ठेकेदारों का कहना है कि इस लापरवाही के लिए जल जीवन मिशन के एमडी, एडिशनल एमडी और मंत्री के ओएसडी जिम्मेदार हैं।
10 नवंबर तक इंतजार की चेतावनी
ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष ने अपने सदस्यों से कहा है कि “यदि मंत्री जी के निर्देश के अनुसार सिंगल विलेज ठेकेदारों का भुगतान नहीं हुआ, तो हम 10 नवंबर तक इंतजार करेंगे। इसके बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर अगली रणनीति तय करेंगे।”
ठेकेदारों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन यदि भुगतान जल्द नहीं हुआ, तो आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार किया जाएगा।







