भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे विवाद के बीच अब ज्योति सिंह ने बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले से क्षेत्रीय राजनीति में हलचल मच गई है।
सूत्रों के मुताबिक, ज्योति सिंह जल्द ही अपना नामांकन दाखिल करेंगी। समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। उनके पिता रामबाबू सिंह ने पहले ही कहा था कि अगर पवन सिंह उनकी बेटी को स्वीकार नहीं करते, तो वह चुनावी मैदान में उतरेंगी — और अब उन्होंने वही कर दिखाया है।
पिता ने पहले ही दे दिया था इशारा
ज्योति सिंह के पिता ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में बताया था कि वे लंबे समय से काराकाट क्षेत्र में सक्रिय हैं और जनता से जुड़ी हैं। अगर पवन सिंह ने रिश्ते को स्वीकार नहीं किया, तो वे राजनीति में उतरेंगी। अब उनके चुनाव लड़ने से यह तय हो गया है कि वे सीधे मुकाबले में उतरने को तैयार हैं।
जन सुराज से नहीं बनी बात
कुछ दिन पहले ज्योति सिंह ने प्रशांत किशोर से मुलाकात की थी, जिसके बाद चर्चा थी कि वह जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी। लेकिन सूत्रों के अनुसार, बातचीत सफल नहीं हुई और अब उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत
काराकाट सीट पर अब मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। भाजपा-माले गठबंधन से अरुण सिंह और जदयू के पूर्व सांसद महाबली सिंह पहले ही मैदान में हैं। अब ज्योति सिंह के उतरने से त्रिकोणीय संघर्ष तय माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भोजपुरी सिनेमा से जुड़ा जनसमर्थन ज्योति सिंह को बड़ा फायदा पहुंचा सकता है।
जनता में उत्साह और समर्थन की लहर
स्थानीय लोगों में ज्योति सिंह के फैसले को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। सासाराम के निवासी चंद्र मोहन पांडे ने कहा कि “पवन सिंह और ज्योति के विवाद के बाद जनता की सहानुभूति ज्योति सिंह के साथ है।”
वहीं स्थानीय मतदाता शशि कुमार ने कहा, “लोकसभा चुनाव में पवन सिंह को मिले वोटों में ज्योति सिंह का योगदान बड़ा था। एक महिला उम्मीदवार के रूप में वे जनता से सीधा संवाद करती हैं, जिससे उन्हें मजबूत समर्थन मिल सकता है।”
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर ज्योति सिंह ने रणनीति सही रखी, तो वे काराकाट से एक सशक्त महिला प्रत्याशी के रूप में उभर सकती हैं।







