छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के चर्चित बिरनपुर हिंसा मामले में करीब दो साल बाद ट्रायल की शुरुआत हो रही है। इस घटना ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था, जब गांव में भुनेश्वर साहू की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। अब इस मामले की सुनवाई रायपुर की स्पेशल कोर्ट में शुरू हो रही है, जहां 8, 9 और 10 अक्टूबर को गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
CBI द्वारा दायर चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा के दौरान भीड़ ने न केवल भुनेश्वर साहू पर जानलेवा हमला किया बल्कि घटना को रोकने पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव किया। चार्जशीट में बताया गया है कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने “मुख्तार, अकबर, जनाब, जलील-पुलिसवालों को पत्थर मारो” जैसी नारेबाजी की और पुलिस अफसरों पर हमला किया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी के सिर पर पत्थर लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
जांच में सामने आया कि आरोपी अब्बास मोहम्मद समेत कई लोगों ने पत्थर, ईंट और चाकू से हमला किया। भीड़ ने भुनेश्वर साहू को पकड़कर मस्जिद के पास वाली गली में ले जाकर बेरहमी से पीटा और गंभीर चोटें पहुंचाईं। घायल भुनेश्वर को उनके माता-पिता ने कम्युनिटी हेल्थ सेंटर साजा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में अब भुनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू (जो भाजपा विधायक भी हैं) समेत 23 गवाहों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। CBI ने नवंबर 2024 में चालान पेश किया था। चार्जशीट में किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति का नाम नहीं है।
यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुका है। पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है, जबकि राज्यभर में लोग इस केस की सुनवाई पर नजर बनाए हुए हैं।







