डॉ. ए. के. मिश्रा, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, रायगढ़ को बागवानी और सतत कृषि विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित “लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 10वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “ग्लोबल इनोवेशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर एंड एलाइड साइंसेज़” के दौरान प्रदान किया गया, जो 5 से 7 अक्टूबर 2025 तक एमपीयूएटी, उदयपुर (राजस्थान) में आयोजित हुआ।
यह सम्मान मुख्य अतिथि डॉ. मनोज कुमार सिंह, पूर्व कुलपति, बीयूएटी बांदा एवं पूर्व उप महानिदेशक (एनआरएम), आईसीएआर, नई दिल्ली द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर डॉ. पी. के. अग्रवाल, पूर्व निदेशक, कृषि अनुसंधान परिषद, भारत सरकार, डॉ. एस. सी. शर्मा, पूर्व कुलपति, एमपीयूएटी, उदयपुर, तथा सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, कुलपति, एमपीयूएटी, उदयपुर भी उपस्थित रहे।

डॉ. मिश्रा ने कृषि विज्ञान केंद्र, जांजगीर-चांपा में अपने कार्यकाल के दौरान बंजर भूमि को उपजाऊ बनाकर बागवानी विकास में नवाचार किया। उनके नेतृत्व में केंद्र परिसर में आधुनिक फलोद्यान (Orchard Development) एवं उन्नत नर्सरी प्रबंधन (Advanced Nursery Management) की स्थापना की गई। आज यह परिसर आम, अमरूद, अनार, नींबू, पपीता, आँवला, बेल, सीताफल, कटहल और चीकू जैसे फलों से भरपूर हरित उद्यान के रूप में विकसित है।
इसके साथ ही, डॉ. मिश्रा ने किसानों को नर्सरी तकनीक, पौध उत्पादन, जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई और बागवानी प्रबंधन के प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उनके प्रयासों से न केवल कृषि विज्ञान केंद्र की प्रतिष्ठा बढ़ी है, बल्कि क्षेत्र के किसानों में सतत बागवानी और नवाचार आधारित खेती के प्रति नई सोच और प्रेरणा का विकास हुआ है।







