छत्तीसगढ़ भाजपा में उठी बगावत की गूंज, ननकीराम कंवर की मुखरता बनी कारण

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर को रायपुर में कथित तौर पर “हाउस अरेस्ट” किए जाने की खबर सामने आई। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर हैं।

भाजपा नेतृत्व में असहजता

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कंवर लंबे समय से प्रशासनिक अनियमितताओं और आदिवासी हितों की अनदेखी को लेकर मुखर रहे हैं। उनकी बेबाकी से पार्टी नेतृत्व असहज महसूस कर रहा था। समर्थकों का आरोप है कि भाजपा संगठन अब आदिवासी नेताओं की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रहा है।

कंवर समर्थकों का दावा है कि कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने कई विभागों के भ्रष्टाचार का खुलासा किया था, जिसकी वजह से भाजपा को सत्ता में वापसी का फायदा मिला। लेकिन अब विष्णु देव साय सरकार उन्हीं भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने में जुटी है और वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषण और उठते सवाल

विश्लेषकों का मानना है कि एक ओर भाजपा बस्तर में सुरक्षा और शासन व्यवस्था सुधारने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अपने ही वरिष्ठ आदिवासी नेता की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है। इससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं:

  • क्या भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने वाले अपने ही नेता को निशाना बना रही है?
  • क्या यह आदिवासी नेतृत्व को कमजोर करने की रणनीति है?
  • क्या विष्णु देव साय सरकार अपने वरिष्ठ नेता के आरोपों पर कोई कार्रवाई करेगी?

फिलहाल, भाजपा और सरकार की ओर से इस कथित “हाउस अरेस्ट” पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भूपेश बघेल का हमला

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले पर एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“वाह! अमित शाह जी! जिस वक्त आप बस्तर में व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, उसी वक्त भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर जी को रायपुर में हाउस अरेस्ट कर दिया गया। यह साबित करता है कि भाजपा आदिवासियों की आवाज़ को दबाना चाहती है। प्रशासनिक दलाली के खिलाफ बोलने पर भाजपा का यह कदम निंदनीय है।”

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment