नई दिल्ली।राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आज़ादी की परिभाषा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका यह बयान बीबीसी हिंदी को दिए एक इंटरव्यू के क्लिप से सामने आया है, जो आज 16 अगस्त को प्रसारित होने वाला है।
पत्रकार का सवाल, प्रशांत का जवाब
बीबीसी के पत्रकार मुकेश शर्मा (@BBCMukeshS) ने प्रशांत किशोर से पूछा — “आपके लिए आज़ादी का क्या मतलब है?”
इस सवाल पर प्रशांत किशोर ने सरल मगर गहरी बात कही —
“संविधान में संशोधन होते रहेंगे, लेकिन उसकी मूल भावना में छेड़छाड़ न हो। मेरे लिए आज़ादी का मतलब है कि उस मूल भावना को सुरक्षित रखा जाए।”
संविधान ही असली विरासत
प्रशांत किशोर ने कहा कि भारत की असली आज़ादी की विरासत संविधान है। अगर उसकी मूल आत्मा को बचाया गया, तो यही इस देश के लोगों के लिए स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ होगा। उन्होंने यह भी बताया कि कठिन सवालों का सरल उत्तर ही समाज और राजनीति को सही दिशा देता है।
एक बिहारी पत्रकार का दृष्टिकोण
लेखक (पत्रकार) ने स्वीकार किया कि वह किसी नेता के पक्ष में नहीं होना चाहते, लेकिन बिहार का नागरिक होने के नाते प्रशांत किशोर को देखकर उनमें उम्मीद जगती है। दिल्ली से लेकर पांडिचेरी तक पढ़ाई के दौरान बिहारी होने पर तिरछी नज़र झेलने वाले इस पत्रकार को लगता है कि प्रशांत किशोर बिहार की खोई हुई पहचान और सम्मान को वापस दिला सकते हैं।



