कोरबा। जिले में स्थित वेदांता और बालको कंपनी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। आरोप है कि कंपनी ने नियमों को ताक पर रखकर न केवल अवैध तरीके से पेड़ों की कटाई की, बल्कि बिना अनुमति के प्लांट का विस्तार भी किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी ने डेंगूरनाला प्राकृतिक जल स्रोत से छेड़छाड़ करते हुए हाई टेंशन बिजली पोल खड़ा कर दिया, जिससे पर्यावरण और जल स्रोत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
इतना ही नहीं, शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने CSEB की भूमि पर अवैध रूप से आवासीय परिसर और भारी वाहनों के लिए स्टैंड भी तैयार कर लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब कुछ प्रशासनिक संरक्षण में हो रहा है, जिसकी वजह से कंपनी लगातार पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी कर रही है।
जानकारी के अनुसार, कंपनी ने एलुमिनियम स्मेल्टर की उत्पादन क्षमता 5.75 एलटीपीए से बढ़ाकर 10.85 एलटीपीए करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस विस्तार के खिलाफ पूर्व में हुई जनसुनवाई में भी स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था, लेकिन आरोप है कि कंपनी ने नियमों की अनदेखी करते हुए काम जारी रखा।
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस पूरे मामले की लिखित शिकायत 2023 में ही की गई थी, मगर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन कंपनी का मनोबल बढ़ा हुआ है और कोरबा का ग्रीन ज़ोन लगातार खतरे में है।

इसी बीच, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कोरबा कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्यवाही नहीं की गई तो आने वाले समय में पर्यावरण को अपूरणीय क्षति होगी और स्थानीय लोगों के जीवन पर भी खतरा बढ़ जाएगा।

अब देखना होगा कि प्रशासन और केंद्र सरकार इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और वेदांता व बालको के खिलाफ क्या कदम उठाती है।







