न्यायपालिका की गरिमा बचाना जरूरी, नेता तो पहले से बदनाम हैंः राज्यपाल रमेन डेका

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका ही जनता की अंतिम उम्मीद है, इसलिए उसकी गरिमा को हर हाल में बचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नेता लोग तो पहले से ही बदनाम हैं, मगर न्यायपालिका को बदनामी से बचाना चाहिए।

राज्यपाल डेका बिलासपुर हाईकोर्ट की स्थापना के 25 साल पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अदालतों की इमारतें नहीं बल्कि समय पर मिलने वाला न्याय ही सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देर से मिलने वाला न्याय, अन्याय के समान है।

राज्यपाल ने मीडिया ट्रायल को लेकर चिंता जताई और कहा कि बेल जैसी साधारण प्रक्रिया के लिए भी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ता है। न्याय केवल समर्थवानों के लिए नहीं बल्कि आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने हाईकोर्ट की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, आदिवासी अधिकार, सामाजिक न्याय और सुशासन से जुड़े फैसलों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को अलग पहचान दिलाई है। साथ ही प्रथम मुख्य न्यायाधीश डब्ल्यूए शिशाक और अन्य पूर्व न्यायाधीशों के योगदान को याद किया।

समय पर न्याय के लिए प्रतिबद्ध सरकारः मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य, विधानसभा और हाईकोर्ट—तीनों ही इस साल रजत जयंती मना रहे हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता से ही राज्य और हाईकोर्ट की स्थापना संभव हो सकी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समय पर न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है और विधि विभाग का बजट भी हर साल बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से कई जज सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

न्यायपालिका पर विश्वास सबसे बड़ी पूंजीः जस्टिस माहेश्वरी
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके माहेश्वरी ने कहा कि आम नागरिक विश्वास के साथ कोर्ट के दरवाजे पर आता है। इसलिए न्यायपालिका को यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले 25 वर्षों के लिए ऐसा विजन तैयार हो जिससे न्याय अंतिम पायदान तक पहुंच सके।

यह अवसर गर्व का क्षणः सीजे रमेश सिन्हा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने स्वागत भाषण में कहा कि रजत जयंती का यह अवसर हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। पिछले 25 वर्षों में हाईकोर्ट ने कानून के शासन को स्थापित करने में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।

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