रायपुर। इस साल छत्तीसगढ़ में हुई अच्छी बारिश ने जल संसाधनों को समृद्ध कर दिया है। प्रदेश के 12 बड़े और 34 मध्यम श्रेणी के बांधों में अब तक औसतन 90.66 प्रतिशत जल संग्रहण हो चुका है। यह पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर स्थिति है। बड़े बांधों में 13.99 प्रतिशत और मध्यम बांधों में 6.48 प्रतिशत अधिक जल संग्रह हुआ है।
19 बांध पूरी तरह भर गए हैं, जिनमें तीन बड़े और 16 मध्यम श्रेणी के शामिल हैं। इसके अलावा 10 प्रमुख बांधों में 90 प्रतिशत से अधिक जलस्तर दर्ज किया गया है। जल संसाधन विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 की तुलना में इस बार जलभराव की स्थिति अधिक अनुकूल है। विगत वर्ष 27 सितंबर को बड़े बांधों में 76.12 प्रतिशत और मध्यम बांधों में 87.13 प्रतिशत पानी था, जबकि इस बार यह क्रमशः 90.11 और 93.61 प्रतिशत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति रबी फसल सीजन, पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक उपयोग के लिए बेहद लाभकारी होगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त जल की सुरक्षित निकासी और बांधों की निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

बड़े बांधों का जल संग्रहण (प्रतिशत में)
| बांध | 2025 | 2024 |
|---|---|---|
| मिनीमाता बांगो | 91.37 | 87.29 |
| रविशंकर सागर | 93.22 | 85.26 |
| तांदुला जलाशय | 100 | 84.26 |
| दुधावा जलाशय | 71.38 | 99.37 |
| सिकासार बांध | 94.32 | 89.75 |
| खारंग जलाशय | 100 | 94.65 |
| सोंदूर जलाशय | 75.47 | 74.64 |
| मुरुमसिल्ली | 99.36 | 99.54 |
| कोडार जलाशय | 54.70 | 55.55 |
| मनियारी जलाशय | 100 | 98.25 |
| केलो जलाशय | 71.77 | 88.23 |
| अरपा भैंसाझार | 68.19 | 74.41 |
वर्षवार जलभराव (27 सितंबर की स्थिति में)
- 2025 : 90.66%
- 2024 : 87.62%
- 2023 : 77.86%
जिन जिलों के बांध 100% भरे
बालोद (तांदुला, खरखरा),
बिलासपुर (खारंग, घोंघा),
मुंगेली (मनियारी),
बस्तर (कोसारटेडा),
कांकेर (परलकोट, मायना),
कवर्धा (चिरपानी, कारा नाला),
राजनांदगांव (मोंगरा, मटियामोति, सुखा नाला),
सरगुजा (बंकी, कुंवरपुर, बरनई),
रायगढ़ (किंकरी, पुटकका नाला),
दुर्ग (खपरी)।
जिन बांधों में 95% से अधिक जलभराव
कोरबा (मिनीमाता – 91.37%),
धमतरी (गंगरेल – 93.22%, सिकासार – 94.32%, मुरूमसिल्ली – 99.36%),
बालोद (गोंदली – 98.58%),
कवर्धा (सुतियापाट – 96.96%, बेहारखार – 98.25%),
रायगढ़ (केदार – 99.98%),
राजनांदगांव (धारा – 99.21%, घुमरिया – 94.85%)।
विशेषज्ञ की राय
“अच्छी वर्षा के चलते जलाशयों में जलभराव की स्थिति इस बार बहुत बेहतर है। इससे रबी सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। साथ ही पेयजल और उद्योगों को भी कोई समस्या नहीं होगी।”
– डॉ. निनाद बोधनकर, प्रोफेसर, भू-विज्ञान अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर



