उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में प्रदेशभर के जिला पंचायत अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं और जरूरतों को रखते हुए मानदेय, भ्रमण भत्ता, आवास सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था तथा वाहन किराए में संशोधन जैसी मांगों से संबंधित प्रतिवेदन सौंपा।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और उन पर विस्तार से चर्चा करते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर विकास को गति देने में जिला पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार जनप्रतिनिधियों की सुविधाओं को लेकर संवेदनशील है।
बैठक के दौरान विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) — वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जिला पंचायतों की भागीदारी निर्णायक होगी। इसके लिए वैज्ञानिक योजना निर्माण, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जनप्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नए अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी, जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, सौर ऊर्जा और आजीविका संवर्धन को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही पारदर्शी व्यवस्था के जरिए मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की बात भी कही गई।
डिप्टी सीएम ने बताया कि अधिनियम में आवास, पेयजल, स्वच्छता और विद्युतीकरण जैसे बुनियादी कार्यों को शामिल किया गया है, जिससे गांवों की आधारभूत संरचना मजबूत होगी। ग्रामसभा आधारित योजना निर्माण से कार्यों की पुनरावृत्ति पर रोक लगेगी और संतुलित ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।
पंचायतों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने हेतु जल सुरक्षा, आजीविका आधारित संरचनाओं और मौसमी आपदाओं से निपटने की रणनीति पर भी जोर दिया गया। किसानों के हित में बुवाई और कटाई के व्यस्त समय में हर वर्ष 60 दिनों तक कार्य स्थगन का प्रावधान किए जाने की जानकारी दी गई।
बैठक में जिला पंचायत विकास निधि, जनपद पंचायत निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, महतारी सदन निर्माण, श्रद्धांजलि योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और क्षमता विकास योजना जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिला पंचायत अध्यक्षों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव रखे।
इसके अलावा समर्थ पंचायत पोर्टल, यूपीआई आधारित कर संग्रहण प्रणाली, प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था और ग्राम संपदा मोबाइल एप के माध्यम से परिसंपत्तियों की ऑनलाइन निगरानी की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के लिए प्रस्तावित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम की रूपरेखा भी बैठक में प्रस्तुत की।



