छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने वर्ष 2025 में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। मंडल ने केवल एक वर्ष के भीतर 4689 आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय कर 1022 करोड़ रुपये से अधिक की आय अर्जित की है। यह उपलब्धि मंडल के गठन के बाद अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विक्रय मानी जा रही है।
गृह निर्माण मंडल की नीति प्रारंभ से ही समाज के कमजोर और निम्न आय वर्ग को प्राथमिकता देने की रही है। अब तक निर्मित कुल आवासों में लगभग 70 प्रतिशत आवास इन्हीं वर्गों के हितग्राहियों के लिए तैयार किए गए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले पांच वर्षों में जहां औसतन प्रति वर्ष 1387 संपत्तियों का विक्रय हुआ और औसत मूल्य 262 करोड़ रुपये रहा, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा चार गुना से भी अधिक बढ़ते हुए 4689 संपत्तियों और 1022 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह सफलता मंडल की कार्यप्रणाली में सुधार, नीतिगत सरलीकरण और आम जनता के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
विगत एक वर्ष के दौरान शासन द्वारा लागू की गई ओटीएस-2 (वन टाइम सेटलमेंट) योजना ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। योजना के तहत हितग्राहियों को 30 प्रतिशत तक की छूट दी गई, जिससे 1452 संपत्तियों का विक्रय संभव हो सका। इन संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 220.16 करोड़ रुपये रहा, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के हजारों नागरिकों को सीधा लाभ मिला।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में 23 से 26 नवंबर 2025 तक रायपुर के बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला 2025 भी बेहद सफल रहा। इस दौरान छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने प्रदेश के 26 जिलों में 2080 करोड़ रुपये की लागत वाली 56 नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया। साथ ही मेले के दौरान ही 305 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का विक्रय हुआ, जिससे मंडल की योजनाओं के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में 1022 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का विक्रय सरकार की जनहितैषी नीतियों और आम नागरिकों के भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव तथा मंडल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस सफलता के लिए बधाई दी।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि एक वर्ष में 1022 करोड़ रुपये का विक्रय राज्य के आवास क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी सोच, स्पष्ट आवास नीति और हाउसिंग बोर्ड की टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम है। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को किफायती, सुलभ और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह सफलता मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन और मंत्री चौधरी के नेतृत्व में मंडल की पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मंडल पारदर्शिता, नवाचार और जनहित को केंद्र में रखकर कार्य कर रहा है तथा भविष्य में भी आवासहीनों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे।







