छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले कोरबा में राज्य की जांच एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सली नेटवर्क के शहरी तंत्र का पर्दाफाश किया है। स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने छापेमारी के दौरान रामा इच्छा नामक नक्सली को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से शहरी क्षेत्रों में नक्सल गतिविधियों को गुप्त रूप से संचालित कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, रामा इच्छा एसईसीएल (SECL) की कोयला खदान में मजदूर के रूप में काम करता था और मजदूर संगठनों के माध्यम से नक्सलियों के लिए फंडिंग और सहयोग का कार्य कर रहा था। पुलिस और जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि वह मजदूरों के बीच रहकर नक्सली विचारधारा का प्रचार कर रहा था और नक्सली संगठनों तक आर्थिक मदद पहुंचा रहा था।
इससे पहले रायपुर में नक्सली दंपति जग्गू कुरसम और कमला कुरसम को 23 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। दोनों भैरमगढ़ डिवीजनल कमेटी और एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्य थे, जो राजधानी में फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद शहरी नेटवर्क की जांच में कई नए नाम और संपर्क सामने आए हैं। इन्हीं में से एक रामा इच्छा भी था, जिसकी तलाश में एजेंसियों ने छापेमारी कर गिरफ्तारी की।
जांच एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, नक्सली अब केवल जंगलों में नहीं, बल्कि शहरों में मजदूर संगठनों, सामाजिक समूहों और अन्य माध्यमों से फंडिंग जुटाने और विचारधारा फैलाने का काम कर रहे हैं। रामा इच्छा जैसे लोग आम नागरिकों के बीच रहकर नक्सल संगठनों के लिए आर्थिक और वैचारिक सहयोग दे रहे थे।
कोरबा में हुई इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने नक्सली नेटवर्क के अन्य संदिग्ध सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि रामा इच्छा से पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियाँ मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
इस घटना के बाद कोरबा और रायपुर समेत राज्य के अन्य औद्योगिक इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी गतिविधियाँ तेज कर दी हैं। मजदूर संघों और सामाजिक संगठनों की निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि नक्सली गतिविधियों को शहरों में जड़ें जमाने से रोका जा सके।







