छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने यहां किराए के मकान से एक नक्सली पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस को गुमराह करने के लिए सामान्य नागरिक की तरह जिंदगी जी रहे थे।
जानकारी के अनुसार नक्सली दंपति ने रायपुर में इलाज कराने का बहाना बनाकर किराए का मकान लिया था। इसके लिए उन्होंने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। हैरानी की बात यह भी है कि दोनों आरोपी अधिकारियों के घरों में ड्राइवर और गार्ड की नौकरी भी कर चुके थे। इस तरह वे खुद को आम आदमी साबित कर लोगों के बीच आसानी से घुलमिल गए थे।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस दंपति का नेटवर्क रायपुर और आसपास के इलाकों में कितना फैला हुआ है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वे यहां इलाज और नौकरी के बहाने से नक्सली गतिविधियों के लिए जमीन तैयार कर रहे थे।
यह गिरफ्तारी नक्सलियों के उस नए पैटर्न की ओर भी इशारा करती है, जिसमें वे सीधे हथियारबंद लड़ाई के बजाय शहरों में छिपकर रणनीति बनाते और अपने लिए सुरक्षित ठिकाने तैयार करते हैं। पुलिस का मानना है कि समय रहते इस तरह के छुपे हुए नेटवर्क को पकड़ना बेहद जरूरी है, वरना यह शहर की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।







