अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को आयातित सामानों पर नए टैरिफ लगाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि एक अक्टूबर से फार्मास्यूटिकल दवाओं पर 100%, रसोई कैबिनेट और बाथरूम वैनिटी पर 50%, असबाबवाले फर्नीचर पर 30% और हैवी ट्रकों पर 25% आयात शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने इसकी घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर की।
अमेरिकी कंपनियों को मिलेगी राहत
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह शुल्क उन दवा कंपनियों पर लागू नहीं होगा जो अमेरिका में अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स स्थापित कर रही हैं। हालांकि, इस फैसले से पहले से मौजूद महंगाई और तेज़ होने की आशंका जताई जा रही है। आयातक और नियोक्ता, जो पहले के टैरिफ के असर से जूझ रहे हैं, अब और अधिक अस्थिरता का सामना कर सकते हैं।
मेडिकेयर पर बढ़ेगा बोझ
2024 में अमेरिका ने लगभग 233 अरब डॉलर की दवाइयां और मेडिकल उत्पाद आयात किए। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ दवाओं की कीमतें दोगुनी हो सकती हैं, जिससे न केवल आम उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ेगा बल्कि मेडिकेयर और मेडिकेड जैसे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की लागत भी तेज़ी से बढ़ेगी।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर असर
ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई अब कोई बड़ी चुनौती नहीं है, लेकिन ताज़ा आंकड़े उनकी बात से उलट नज़र आ रहे हैं। बीते 12 महीनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में 2.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि अप्रैल में यह 2.3% थी। विश्लेषकों का मानना है कि नए टैरिफ से आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है।







