मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इस बीच Israel Defense Forces (IDF) ने एक बार फिर अपना कड़ा रुख साफ कर दिया है। इस्राइल का कहना है कि जो भी उसके लिए खतरा बनेगा, उसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा—चाहे वह ईरान का नया सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ही क्यों न हो।
आईडीएफ के सैन्य प्रवक्ता Effie Defrin ने साफ शब्दों में कहा कि भले ही उन्हें इस वक्त खामेनेई के ठिकाने की सटीक जानकारी नहीं है, लेकिन कार्रवाई का इरादा बिल्कुल स्पष्ट है। उनका कहना था, “हम उन सभी लोगों का पीछा करेंगे जो इस्राइल के खिलाफ खड़े होते हैं—हम उन्हें खोजेंगे और खत्म करेंगे।”
इसी के साथ इस्राइल ने ईरान के अर्धसैनिक संगठन Basij को भी सीधी चेतावनी दी है। डेफ्रिन ने कहा कि बासिज से जुड़े हर सदस्य को निशाने पर लिया जाएगा, चाहे वह कहीं भी छिपा हो। इससे पहले आईडीएफ दावा कर चुका है कि उसने बासिज के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी को मार गिराया है।
इस्राइल ने यह भी संकेत दिए हैं कि यह संघर्ष जल्दी खत्म होने वाला नहीं है। देश एक लंबे सैन्य अभियान की तैयारी में है, जो यहूदी पर्व Passover के दौरान भी जारी रह सकता है।
वहीं दूसरी ओर, Iran की तरफ से मिसाइल हमले जारी हैं। हाल ही में Tel Aviv और Jerusalem में एयर रेड सायरन गूंज उठे, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। आसमान में तेज धमाके और रोशनी देखी गई, जिसके बाद बचाव दलों को कई इलाकों में भेजा गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच Bahrain ने भी दावा किया है कि उसने हाल के दिनों में ईरान से आए 100 से ज्यादा मिसाइल और 200 से अधिक ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
स्पष्ट है कि यह टकराव अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीनी और हवाई स्तर पर लगातार तेज होता जा रहा है।



